Paper Title
भारतीय ज्ञान प्रणाली: दार्शनिक आधार, वैज्ञानिक आयाम और समकालीन प्रासंगिकता
Abstract
भारतीयज्ञानप्रणाली (Indian Knowledge System – IKS) विश्वकीप्राचीनतमबौद्धिकपरंपराओंमेंसेएकहै, जिसनेज्ञानकोमात्रबौद्धिकसंचयनमानकरजीवन, प्रकृतिऔरब्रह्मांडकेसमग्रबोधकेरूपमेंपरिभाषितकिया।प्रस्तुतशोधपत्रकाउद्देश्यभारतीयज्ञानप्रणालीकीदार्शनिकआधारभूमि, उसकेवैज्ञानिकएवंसांस्कृतिकआयामोंतथासमकालीनवैश्विकपरिप्रेक्ष्यमेंउसकीप्रासंगिकताकाविश्लेषणकरनाहै।
अध्ययनमेंवैदिकसाहित्य, उपनिषद, षड्दर्शन, आयुर्वेद, योग, गणित, खगोलशास्त्र, शिक्षा-पद्धतितथाराज्य-चिंतनजैसेप्रमुखक्षेत्रोंकातुलनात्मकएवंविश्लेषणात्मकअध्ययनप्रस्तुतकियागयाहै।वैदिकवाङ्मयमेंप्रकृतिऔरमानवकेमध्यसंतुलनकासिद्धांत, उपनिषदोंमेंआत्मा-ब्रह्मकीअद्वैतचेतना, तथाषड्दर्शनमेंतर्कऔरतत्वमीमांसाकीवैज्ञानिकसंरचनाभारतीयज्ञानप्रणालीकीबौद्धिकऊँचाईकोदर्शातीहै।
आयुर्वेदऔरयोगआजवैश्विकस्वास्थ्यविमर्शमेंकेंद्रीयस्थानप्राप्तकरचुकेहैं।गणितमेंशून्यऔरदशमलवप्रणालीकाआविष्कारतथाखगोलविज्ञानमेंग्रह-गतिसंबंधीगणनाएँभारतीयमनीषाकीवैज्ञानिकदृष्टिकोप्रमाणितकरतीहैं।नईशिक्षानीति 2020 मेंभारतीयज्ञानप्रणालीकेसमावेशननेशिक्षाकेभारतीयकरणऔरआत्मनिर्भरबौद्धिकढाँचेकीस्थापनाकीदिशामेंमहत्वपूर्णपहलकीहै।
निष्कर्षतःयहशोधस्थापितकरताहैकिभारतीयज्ञानप्रणालीकेवलसांस्कृतिकविरासतनहीं, बल्किआधुनिकविश्वकीनैतिक, पर्यावरणीयऔरमानसिकचुनौतियोंकेसमाधानहेतुएकसशक्तवैकल्पिकदृष्टिप्रदानकरतीहै।
मुख्यशब्द: भारतीयज्ञानप्रणाली, वेद, उपनिषद, दर्शन, आयुर्वेद, योग, नईशिक्षानीति 2020